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युवा प्रतिभा पुरस्कार योजना

 
 

परिचय

 
 

सभी राष्ट्रीय अकादमियां जितने भी प्रकार के पुरस्कार अथवा सम्मान प्रदान करती है वो सभी वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित लोगों को दिये जाते है। अत: यह महसूस किया गया कि युवा प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने हेतु कोई योजना होनी चाहिय। इसलिए संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने युवा प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से एक योजना युवा प्रतिभा पुरस्कार योजना के नाम से प्रारम्भ की। जिसका विवरण इस प्रकार है

   
 

1- पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र अपने क्षेत्र कि विभिन्न पारम्परिक प्रस्तुति परक कला शैलियों के एक या 2 युवा कलाकारो को चयनित कर पुरस्कृत करेगा।

2- एक वर्ष में इस प्रकार के अधिकतम 20 पुरस्कार व्यक्तिगत अथवा दल को दिये जायगें।

3- यह पुरस्कार 18 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के कलाकारों को ही देय होगें।

 

उद्देश्य

 

संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने पारम्परिक लोक नृत्य, नाट्य, संगीत, वाद्य यन्त्र वादको के महत्व को समझते हुए यह निर्णय लिया कि इन कला के युवा साधकों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि वह भविष्य के महान साधक हो सके। इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य हमारी पारम्परिक सांस्कृतिक धरोहर को विकसित करना भी रहा है। इस योजना के माध्यम से लुप्त हो रही शैलियों को विकसित करना भी एक उद्देश्य रहा है। इस योजना के माध्यम से युवा प्रतिभाओ को प्रोत्साहित करना एवं उन्हें सम्मानित करना हमारा उद्देश्य है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर इस योजना को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोआ, दमण, दीव, दादरा एवं नागर हवेली में आयोकिया जाएगा।

अधिकतम 20 कलाकार एक वित्तीय वर्ष मे सम्मानित किए जाएंगे। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र अपने सदस्य राज्यों राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोआ, दमण, दीव, दादरा एवं नागर हवेली की संगीत नाटक अकादमियों तथा कला एवं संस्कृति विभाग की सहायता से कला शैलियों का चयन करेगा।

 

पुरस्कार राशि

 

यह पुरस्कार व्यक्ति या दल को दिए जा सकते है जिसमें 10,000/- रूपये नकद तथा एक प्रमाण पत्र देय होगा।

 

क़लाकारों का चयन

 

सम्मानित किए जाने वाले कलाकारों के चयन हेतु पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र सदस्य राज्यों कि संगीत नाटक अकादमियों तथा कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता आयोजित करेगा तथा इन प्रतियोगिताओं में प्रथम आने वाले कलाकरों को पुरस्कृत किया जाएगा।

 

सम्मान समारोह

 

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा सभी सदस्य राज्यों में एक समारोह आयोजित कर चयनित कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। जिसमें इन सम्मानित होने वाले कलाकारों को प्रस्तुति देनी होगी।

 

सम्मान हेतु आवेदन

 

सम्मान प्राप्त करने हेतु अपने गुरू, संस्था या व्यक्तिगत स्तर पर अपने बायोडेटा एवं समस्त प्रमाण पत्रों, समाचार पत्रों की कतरनों की प्रतियों को संलग्न करते हुए एक सादे कागज पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र को आवेदन प्रेषित करना होगा। अपने आवेदन में कला शैली का विवरण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट करे कि किन कारणों से आपको सम्मानित किया जाना चाहिए।

 

कुछ कला शैलियां जिन में सम्मान प्रदान किया जा सकता है उनके नाम इस प्रकार है-

 

नाटक : पारम्परिक / लोक कला

 
 

1 भवई (गुजरात)
2 क़ुचामणी ख्याल (राजस्थान)
3 तमाशा (महाराष्ट्र)
4 रणमाले (गोवा)
5 तियात्र (गोवा)
6 ज़ागर (गोवा)
7 रम्मत (राजस्थान) बीकानेर
8 तुर्रा कलंगी (राजस्थान) चितौड
9 तमाशा (राजस्थान) जयपुर
10 ग़वरी (राजस्थान) मेवाड
11 अलिबक्श ख्याल (राजस्थान) अलवर
12 हेलाख्याल (राजस्थान) शेखावटी
13 भवाडा (दादरा, नागर हवेली)
14 मांदलीया (गुजरात) डाग
15 दशावतार (गोवामहाराष्ट्र)
16 ललित (महाराष्ट्र)
17 ख़ड़ी गमत (महाराष्ट्र)
18 ख़ाड़ा नी मण्डली (गुजरात) सौराष्ट्र

   

पारंमपरिक कला :

   
 

1 क़ठपुतली (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र)
2 बहुरूपिया (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र)
3 लोक कथा वाचन
4 बातपोसी/कहानी (राजस्थान)
5 चारबेंत (राजस्थान) टोक
6 भोपा गायन (राजस्थान)
7 क़ीर्तन (गोवा)
8 थालीसर गायन (दादरा नागर हवेली)
9 नट करतब (राजस्थान, महाराष्ट्र)
10 ज़ादू (सभी सदस्य राज्य)
11 नुक्कड नाटक (सभी सदस्य राज्य)
12 पाण्डुन का कडा/ शिवजी का ब्यावला और भंपग
13 पवाडा गायन (महाराष्ट्र)
14 चित्रकथी (महाराष्ट्र)
15 आ़गी गैर (राजस्थान)
16 ग़ोधंल (महाराष्ट्र)
17 भारूड (महाराष्ट्र)

   

पारंपरिक / लोक / आदिवासी नृत्य :

   

राजस्थान :

गुजरात :

          1- तेराताल
          2- भवाई
          3- चरी
          4- घूमर
          5- कालबेलिया
          6- चंग - शेखावटी
          7- गैर
          8- चरकुला
          9- कच्छीघोडी
          10- सूकर
          11- बमरसिया
          12- वीर तेजाजी
          13- भरत गायन
          14- गेर घूमरा
          15- गींदड़
          16- अग्नि नृत्य
          17- गरासिया
          18- कथोडी
          19- स्वांग
          20- ढोल नृत्य
          21- ग़वरी नृत्य

          1- टिप्पणी नृत्य
          2- गरबी
          3- गरबा
          4- डाण्डिया रास
          5- मेर रास
          6- ढाल तलवार
          7- हूडो रास
          8- मंजीरा रास
          9- मेवासी
          10- आदिवासी नृत्य
          11- होली नृत्य (डागी)
          12- जनवीयों ढोल नृत्य
          13- केरवानोवेश
          14- आदिवासी भील नृत्य
          15- राठवा आदिवासी नृत्य
          16- सिद्धी धमाल
          17- भील आदिवासी(साबरकांठा)
          18- वसावा आदिवासी नृत्य

महाराष्ट्र :

गोवा/दमण/दीव/दादरा नगर हवेली

          1- लावणी
          2- वाग्यामुरली
          3- गोधळ
          4- पोतराज
          5- दण्डपटा और मार्शल आर्ट
          6- सोंगीमुखौटे
          7- तालवाद्य कचेरी
          8- धनगरी गजा
          9- कोलम ढिमसा
          10- ढोल नृत्य
          11- कोली नृत्य
          12- करणढोल

          1- देखणी
          2- कलशी फुगडी
          3- ढालो
          4- माण्डो
          5- समई नृत्य
          6- जागर
          7- दसरावादन
          8- घोडे मोडनी
          9- तरंग मेल
          10- तोणिया मेल
          11- गौफ
          12- माछी नृत्य
          13- पुर्तगाली नृत्य
          14- रोमट वादन

पारंपरिक लोक संगीत

1- गायन (लंगा मांगणियार, ढाली, मिरासी, दमामी, दीयारो, और अन्य लोक गायन)
2- वध्य यंत्र गायन

राजस्थान :

गुजरात :

          1- कमायचा
          2- सरनाई (सिन्धी जोगिया)
          3- अलगोजासतारा
          4- सुरिन्दा
          5- खड़ताल
          6- नड़
          7- घड़ा
          8- भपंग
          9- मशक
          10- ढोलक
          11- ढोल
          12- नगाड़ा
          13- नाल
          14- डेरू
          15- डफ
          16- चंग
          17- कुंडी
          18- केनरा
          19- खंजरी
          20- मुरली
          21- बीन (पुंगी)
          22- रावण हत्था
          23- चौतारा
          24- मादल
          25- मोरचंग
          26- थाली

          1- रामसागर
          2- भूगंल
          3- रावणहत्था
          4- वाहली (बासुरी)
          5- तारपा
          6- थाली
          7- मंजीरा
          8- शहनाई
          9- पावरी (ड्रम)
          10- ताशा
          11- मुगरवान
          12- ढोल
          13- जोडीयापावा
          14- सुरीन्दा
          15- मंजीरा
          16- काहली (सुरनई)
          17- गोडु
          18- सुर

महाराष्ट्र :

गोवा/दमण/दीव/दादर नगर हवेली

          1- सेमल
          2- रणसिंगा
          3- कर्णढोल
          4- चुगदा
          5- खंजरी
          6- डीमडी
          7- हलगी
          8- झांझ
          9- ताल
          10- नाल
          11- ढोलकी
          12- ढफला
          13- पखावज

          1- रोमट
          2- गुमट
          3- गिटार
          4- ताशा
          5- ढोल
          6- झांझ
          7- पखावज

 
 

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