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इन योजनाओं के अतिरिक्त क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों द्वारा अपने कौरपस से संचित ब्याज
एवं अन्य स्रोतों से अर्जित आय से भी अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया
जाता है। इन कार्यक्रमों में सामान्यतया मुखौटा बनाने, स्टोन कार्विंग की कार्यशालाओं के
अलावा विभिन्न लोक शैलियों एवं शास्त्रीय कलाओं की कार्यशालाएं आयोजित की जाती है।
सदस्य प्रांतों के अनुरोध पर उत्सव और कार्यक्रमों का आयोजन किया जातहै। ये
सांस्कृतिक केन्द्र अन्य गैर सरकारी संगठनों के साथ सहयोग करके भी अपने सदस्य
राज्यों में कार्यक्रमों का आयोजन करते है। |